गुरु पूर्णिमा के अवसर पर वर्ष में एक बार सम्भवतः हर आदमी को अपने गुरु की स्मृतियां जरूर ताजा हो जाती हैं. इसी वजह से इस अवसर पर ;चित्तौड़गढ़ जिले के विभिन्न धार्मिक स्थलों, संतो-महंतों आदि के यहां गुरु पूजन के लिए भक्तों की भारी भीड़ जुटी. जिन लोगोंं ने किसी व्यक्ति को गुरु नहीं बनाया, उन्होंने अपने आराध्य को ही गुरु मानकर उनकी चरण वंदना करते हुए जीवन में सभी प्रकार के विकारों से मुक्त रहकर आध्यात्म भाव बनाए रखने की कामना की. इस दौरान यज्ञ में गायत्री मंत्र के साथ गौ घृत एवं शाकल्य की आहूतियां देकर विश्व शांति की कामना की गई. इस पावन अवसर पर मन्दिरों में भी देव प्रतिमाओं के विशेष श्रृंगार कर पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ भक्तों ने पूजा अर्चना की.
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