हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी के चंदूरवाली गांव दस सीडीआर के वन्य जीव प्रेमी हंसराज धारणियां व धर्मपाल निमिवाल और उनके परिवार ने वन्यजीव संरक्षण का एक अनुकरणीय काम किया है. एक माह पहले एक प्रसूता मादा नीलगाय पर जब श्वानों ने हमला किया तो उसने अपने नवजात बच्चों को खेत छोड़ कर अपनी जान बचाई और अपने बच्चों से बिछड़ गई . इसी बीच वन्य जीव प्रेमी हंसराज धारणिया व धर्मपाल निमिवाल ने उस नीलगाय को ढूंढने का काफी प्रयास किया, जब नील गाय नहीं मिली तो दोनों नवजात बच्चों को अपने घर लाकर एक माह तक नियमित रूप दूध, हरा चारा डालकर पालन-पोषण किया और एक बच्चे का नाम शीनू और दूसरे का नाम शेरू रखा. एक माह तक नवजात बच्चों की सेवा करने के बाद स्वयं के व्यय पर नोहर वन महकमे के रेस्क्यू सेंटर पर स्वतंत्र विचरण के लिए छोड़ दिया.
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